Nakti Bulldozer Case: रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। आज कांग्रेस इस मामले में अपनी जांच समिति की रिपोर्ट जारी करेगी। पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाएगी। बता दें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेंद्र साहू, शिव डहरिया, कुमार मेनन, राजेंद्र पप्पू बंजारे और जांच समिति के सदस्य मीडिया के सामने रिपोर्ट पेश करेंगे। पार्टी का दावा है कि रिपोर्ट में बुलडोजर कार्रवाई से जुड़े तथ्यों और प्रभावित परिवारों की स्थिति का पूरा विवरण होगा।
10 जुलाई को राज्यपाल से मिलेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। 10 जुलाई को पार्टी का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर ज्ञापन सौंपेगा। कांग्रेस की मांग है कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिले और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस का कहना है कि नकटी गांव में बारिश के बीच 85 परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। पार्टी का आरोप है कि लोगों के रहने का इंतजाम किए बिना कार्रवाई की गई, जिससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जानें क्या कह रही है सरकार?
वहीं, सरकार का पक्ष इससे काफी अलग है। वन मंत्री केदार कश्यप का कहना है कि कार्रवाई पूरे गांव में नहीं, बल्कि सिर्फ एक वार्ड में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए की गई थी। सरकार का दावा है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है और पात्र लोगों को नया रायपुर में मकान भी उपलब्ध कराए गए हैं।
कांग्रेस ने सरकार के दावे पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति सरकार के दावों से अलग है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आज कांग्रेस की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है। वहीं, 10 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात के बाद यह मामला नया राजनीतिक मोड़ ले सकता है। फिलहाल, नकटी बुलडोजर विवाद में कांग्रेस और सरकार दोनों अपने-अपने दावों पर कायम हैं। अब सभी की नजर कांग्रेस की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली राजनीतिक कार्रवाई पर टिकी है।

