बिलासपुर/भिलाई। भिलाई के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को दी गई फांसी की सजा रद्द कर दी है। अदालत ने इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी का मामला नहीं मानते हुए सजा को बदलकर आखिरी सांस तक आजीवन कारावास कर दिया।
यह मामला पत्नी, डेढ़ माह की मासूम बेटी समेत तीन लोगों की हत्या से जुड़ा है। निचली अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों का परीक्षण किया।



हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला फांसी की सजा देने योग्य “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में नहीं आता। इसलिए मृत्युदंड को निरस्त करते हुए दोषी को शेष जीवन, यानी अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई।

इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोषी को सामान्य आजीवन कारावास की तरह समयपूर्व रिहाई का लाभ नहीं मिलेगा और उसे जीवन के अंतिम समय तक जेल में ही रहना होगा।

