रायपुर। चलती कार में स्टंटबाजी और यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी के मामलों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने संबंधित जिले के एसएसपी से शपथपत्र (एफिडेविट) प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए पूछा है कि वायरल वीडियो और ऐसी घटनाओं में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि भविष्य में इस तरह की खतरनाक स्टंटबाजी रोकने के लिए पुलिस ने कौन-कौन से ठोस इंतजाम किए हैं।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की जान भी जोखिम में डालता है। अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, दर्ज मामलों और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।

हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नजरें टिक गई हैं। माना जा रहा है कि अदालत के सख्त रुख के बाद सड़क पर स्टंट करने वालों के खिलाफ अभियान और कार्रवाई तेज की जा सकती है, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

