रायपुर। राजधानी रायपुर के अमलीडीह तालाब पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सरकारी रिकॉर्ड में तालाब की भूमि पर कब्जा दर्ज होने और कई शिकायतों के बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले के अनुसार, अमलीडीह तालाब की भूमि पर व्यावसायिक निर्माण किए जाने की शिकायतें लंबे समय से की जा रही हैं। इस संबंध में तहसीलदार की जांच रिपोर्ट भी एसडीएम कार्यालय को सौंपी जा चुकी है। रिपोर्ट में तालाब की लगभग 1.84 एकड़ सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले की जानकारी नगर निगम, राजस्व विभाग और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तक भी पहुंचाई गई है। इसके बाद भी कार्रवाई में हो रही देरी से यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया कब शुरू होगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तालाब की भूमि पर व्यावसायिक निर्माण होने से जल स्रोत और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
इस मामले में रायपुर एसडीएम नंद कुमार चौबे ने कहा कि उन्हें शिकायत की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

