सोनम वांगचुक जंतर मंतर से उठाए जाने के बाद भड़के थे, अस्पताल के अंदर का वीडियो आया

mnm,

26 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने उन आरोपों पर नाराजगी जताई, जिनमें सरकार से ‘डील’ करने की बात कही जा रही थी. उन्होंने कहा कि अगर समझौता ही करना होता तो इतने दिन भूखे रहने की जरूरत नहीं पड़ती और उन्हें अपने इरादों का ‘कैरेक्टर सर्टिफिकेट’ नहीं देना चाहिए.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर 25 दिन तक भूख हड़ताल करने वाले सोनम वांगचुक थोड़े नाराज हैं. उन लोगों पर, जिन्होंने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उनके अनशन तोड़ने पर सवाल उठाए हैं. गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से एक वीडियो जारी कर वांगचुक ने ऐसे लोगों से पूछा है कि 26 दिन भूखा रहने के बाद क्या उन्हें किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा? उन्होंने कहा कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि सरकार से क्या डील हुई है? अगर डील ही करनी होती तो क्या वह इतने दिनों तक भूखे रहते.   

अपने वीडियो के शुरुआत में ही वांगचुक कहते हैं कि इसे वह थोड़ा दुख, थोड़ी हैरानी, थोड़ा गम और गुस्से के साथ बना रहे हैं. अपने भाइयों-बहनों, छात्रों के लिए 26 दिन भूखा रहने के बाद उनका 11 किलो शरीर खत्म हो चुका है. मसल्स चले गए हैं. ऑर्गन और दिमाग पर इररिवर्सिबल डैमेज (न ठीक हो पाने वाला नुकसान) लगभग होने के कगार पर पहुंचा है. उन्होंने आगे कहा, 

उन्होंने बताया कि गुरुवार, 23 जुलाई से वह लिक्विड फूड ले रहे हैं तब जाकर शरीर में थोड़ी-सी जान आई है. बदकिस्मती से वो जान देकर उन्हें ये वीडियो बनाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, 

उन्होंने कहा कि अगर सौदा करना होता तो क्या उन्हें 26 दिन भूखे रहना पड़ता? क्या वो आलीशान एसी वाले कमरे में बैठकर डील नहीं कर सकते थे. उन्होंने कहा कि धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें लोगों के पास ऐसे दिमाग हैं, जिसमें ऐसे नीच ख्यालात निकलते हैं. उन्होंने कहा कि लोग नहीं जानते कि उनके परिवार पर बीते दो हफ्तों में क्या गुजरा है. ये जानते तो वो ये सब बातें नहीं कहते. वांगचुक के मुताबिक, ऐसे आरोप उन पर वही लोग लगा रहे हैं, जिनका किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध है और उसका किसी दूसरी पार्टी से खुंदक है.वांगचुक ने लोगों से अपील की वो ऐसे लोगों की बातों पर ध्यान न दें. अगर कोई न्यूट्रल व्यक्ति ये बातें करता है तो सिर्फ उसी की बात सुनें.वांगचुक ने लोगों से अपील की वो ऐसे लोगों की बातों पर ध्यान न दें. अगर कोई न्यूट्रल व्यक्ति ये बातें करता है तो सिर्फ उसी की बात सुनें.

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *