जेल में बंद प्रेमी से शादी, 7 महीने बाद जगदलपुर जेल में अनोखी बारात; जानें पूरा मामला

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छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित केंद्रीय जेल में एक अनोखी शादी देखने को मिली. BNS की धारा 64 और 69 के मामले में जेल में बंद आरोपी सुरेश सेठिया की अपनी प्रेमिका मनमती कश्यप के साथ जेल प्रशासन ने शुक्रवार को जेल परिसर में ही हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई. लड़की के परिजनों, वकीलों और जेल स्टाफ की मौजूदगी में यह शादी संपन्न हुई.

सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप की मुलाकात तीन साल पहले जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर हुई थी. दोनों एक ही पंप पर काम करते थे. धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे. मनमती के परिवार ने शादी के लिए हामी भरी, लेकिन सुरेश के परिवार ने जाति के अंतर को लेकर शादी का विरोध किया. सुरेश ने परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद मनमती के परिजनों ने परपा थाना में सुरेश के खिलाफ शादी का प्रलोभन देकर संबंध बनाने और बाद में मुकरने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई.

7 महीने जेल में रहने के बाद शादी  

सुरेश सेठिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. पिछले सात महीनों से जेल में बंद सुरेश से मनमती लगातार मिलने आती रही. दोनों ने शादी करने की इच्छा जताई. मनमती ने वकील के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दायर की. दोनों बालिग होने के कारण माननीय न्यायालय ने 24 जुलाई को शादी की अनुमति दे दी. इसके बाद जेल प्रशासन ने शुक्रवार को जेल परिसर में ही शादी का आयोजन किया.

जेलर ने बताया अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा  

केंद्रीय जेल जगदलपुर के जेलर एस.एल. नायर ने बताया कि शासन-प्रशासन अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देता आया है. दोनों पक्षों की सहमति और कोर्ट के आदेश के बाद यह शादी कराई गई. अधिवक्ता अवधेश झा ने कहा कि आरोपी पर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और दुल्हन के बयान के बाद आगे की कार्रवाई होगी.

2011 के बाद बस्तर में दूसरा मामला  
यह बस्तर में 2011 के बाद दूसरा ऐसा मामला है, जब जेल परिसर में कैदी की शादी हुई है. 2011 में भी एक धारा 376 के आरोपी की जेल में ही शादी कराई गई थी.

वर-वधू दोनों खुश, अब इंतजार रिहाई का  

सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप ने बताया कि अब वे बेहद खुश हैं. मनमती चाहती है कि जल्द से जल्द उसका बयान दर्ज हो और सुरेश रिहा हो जाए ताकि दोनों खुशी-खुशी जीवन बिता सकें. इस शादी ने जेल परिसर में अनोखा माहौल बना दिया.

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