पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं’, विदेश मंत्रालय ने फिर दोहराया, कहा- यह सिर्फ यात्रा दस्तावेज

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला देते हुए कहा है कि  कोर्ट ने भी पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना.

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट का उद्देश्य सिर्फ भारत से दूसरे देशों में जाने वाले लोगों के रेगुलेशन का एक दस्तावेज है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद ही जारी किए जाते हैं. जायसवाल ने बताया कि देश के 8% से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है. 

विदेश मंत्रालय ने आगे बताया कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जनहित में जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार किसी गैर-भारतीय नागरिक को भी पासपोर्ट जारी कर सकती है. इस तरह के कई आधारों पर यह कहा जा सकता है कि पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता.

वहीं, कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने इन टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हैरानी जताई थी कि पासपोर्ट किसी व्यक्ति की नागरिकता का सबूत कैसे नहीं हो सकता

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है.

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