छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: बिजली, शिक्षा, उद्योग, GST, किरायेदारी और निवेश को मिली नई दिशा, राजनांदगांव में बनेगा आधुनिक ऑडिटोरियम

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रायपुर | The Honey Badger News

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश, उच्च शिक्षा, बिजली व्यवस्था, कर प्रणाली, पर्यावरण संरक्षण, किरायेदारी कानून और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने कुल 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनका उद्देश्य राज्य में सुशासन, निवेश, रोजगार, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है।

सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।


बिजली भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव, Direct Debit Mandate लागू होगा

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा NTPC सहित अन्य केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए वर्तमान Tripartite Agreement की जगह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप Direct Debit Mandate (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दे दी।

सरकार के अनुसार इससे बिजली आपूर्ति की निरंतरता बनी रहेगी और भुगतान सुरक्षा प्रणाली अधिक मजबूत होगी। इस नई व्यवस्था से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा क्योंकि वितरण कंपनी की भुगतान व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी तथा आवश्यक होने पर Letter of Credit (LC) की व्यवस्था भी प्रभावी रहेगी।


बस्तर फाइटर्स के नियमों में संशोधन

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के भर्ती एवं सेवा नियम, 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है।

सरकार का मानना है कि इस संशोधन से बस्तर फाइटर्स की भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तें वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप होंगी तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।


निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियम हुए आधुनिक

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी।

इस संशोधन के तहत निजी विश्वविद्यालयों के लिए विन्यास निधि (Endowment Fund) की जगह रक्षित निधि (Reserve Fund) का प्रावधान किया गया है, जिससे विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और अन्य सक्षम नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप विकसित करना अनिवार्य होगा।

सरकार का कहना है कि इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा तथा उच्च शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।


VAT अधिकरण समाप्त होगा

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दे दी।

जीएसटी लागू होने के बाद VAT संबंधी अपीलों की संख्या में काफी कमी आई है तथा राज्य में GST Appellate Tribunal (GSTAT) की स्थापना भी हो चुकी है। ऐसे में अलग से Commercial Tax Tribunal संचालित करने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

अब अधिकरण में लंबित सभी मामलों को राजस्व मंडल में स्थानांतरित किया जाएगा जिससे अपीलों का तेजी से निराकरण हो सकेगा।


GST कानून में बड़े सुधार

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी।

इस संशोधन का उद्देश्य कर व्यवस्था को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना है। विशेष रूप से निर्यातकों और Inverted Duty Structure वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी, कर प्रशासन अधिक प्रभावी बनेगा और राज्य के राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी।


उद्योगों के लिए निवेश का माहौल होगा बेहतर

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी।

इस संशोधन को तैयार करते समय देश के कई अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन किया गया है।

सरकार का उद्देश्य उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाना, निवेशकों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा राज्य में नए उद्योगों को आकर्षित करना है।

इस निर्णय से औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश में तेजी आने की उम्मीद जताई गई है।


Ease of Doing Business कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़

कैबिनेट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में छत्तीसगढ़ Ease of Doing Business (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 शामिल है।

सरकार का दावा है कि इस तरह का व्यापक कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।

इस विधेयक में—

  • Deemed Permission
  • Self Certification
  • Third Party Verification
  • Risk Based Inspection
  • दोहरे लाइसेंस की समाप्ति

जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इन प्रावधानों के लागू होने के बाद उद्योग लगाने के लिए सरकारी प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध हो जाएंगी। इससे निवेशकों का समय और लागत दोनों कम होंगे तथा राज्य में नए उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी।


नवा रायपुर के भूखंड धारकों को बड़ी राहत

कैबिनेट ने NRDA One Time Settlement (OTS) Scheme-2026 को मंजूरी दी।

यह योजना उन आवंटितियों के लिए लाई गई है जिन पर भूखंडों एवं निर्मित परिसरों का ब्याज एवं अधिभार बकाया है।

योजना के तहत पात्र हितग्राही अपने बकाया का नियमितीकरण कर सकेंगे, समय पर परियोजनाएं पूरी कर सकेंगे तथा जो परियोजना विकसित नहीं करना चाहते वे भूमि वापस भी कर सकेंगे।

सरकार को उम्मीद है कि इससे मुकदमेबाजी कम होगी और नवा रायपुर में विकास गतिविधियों को नई गति मिलेगी।


जल प्रदूषण कानून में संशोधन लागू होगा

कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने का निर्णय लिया।

इस संशोधन के तहत छोटे उल्लंघनों को आपराधिक अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।

सरकार का कहना है कि इससे उद्योगों के लिए अनुपालन आसान होगा, पर्यावरण संरक्षण भी प्रभावी रहेगा तथा Ease of Doing Business को भी बढ़ावा मिलेगा।


किरायेदारी कानून में बड़ा बदलाव

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी।

इस संशोधन में—

  • मकान मालिक और किरायेदार के अधिकार स्पष्ट किए गए हैं।
  • Property Manager की भूमिका तय की गई है।
  • किराया प्राप्ति से जुड़े नियम निर्धारित किए गए हैं।
  • अधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति एवं कार्यकाल का प्रावधान किया गया है।
  • विवादों के त्वरित समाधान की व्यवस्था की गई है।

यह संशोधन भारत सरकार के Model Tenancy Act, 2021 के अनुरूप तैयार किया गया है।


राजनांदगांव को मिलेगा आधुनिक 2000 सीटों वाला ऑडिटोरियम

कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 दर्शक क्षमता वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटित करने की मंजूरी भी दे दी।

सरकार का मानना है कि इससे बड़े सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक एवं शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी तथा क्षेत्रीय कला और संस्कृति को भी नया मंच मिलेगा।


क्या हैं इन फैसलों के मायने?

विशेषज्ञों के अनुसार कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा असर राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार, बिजली आपूर्ति, उच्च शिक्षा, कर व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों पर पड़ेगा। विशेष रूप से Ease of Doing Business, औद्योगिक निवेश, GST सुधार, OTS योजना और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े फैसले आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और निवेश वातावरण को नई दिशा दे सकते हैं।


The Honey Badger Analysis

8 जुलाई 2026 की कैबिनेट बैठक को छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक माना जा रहा है। एक ही बैठक में उद्योग, शिक्षा, बिजली, पर्यावरण, कर सुधार, किरायेदारी, निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े 11 बड़े फैसलों को मंजूरी देकर सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उसका फोकस प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ राज्य को निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित करने पर है। इन फैसलों का वास्तविक प्रभाव इनके क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता पर निर्भर करेगा।

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