छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में बीते 28 अगस्त को हुए उग्र गुटीय संघर्ष और पथराव मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से हिरासत में लिया.
बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छिप रहा था और अंततः उसने पन्ना में अपने एक करीबी दोस्त के घर शरण ले रखी थी.
उल्लेखनीय है कि 28 अगस्त की रात बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत खपरगंज इलाके में दो गुटों के बीच सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर हिंसक झड़प हो गई थी. देखते ही देखते यह विवाद मारपीट, तोड़फोड़ और भीषण पथराव में बदल गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल निर्मित हो गया था.
स्थिति पर काबू पाने के लिए जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो उपद्रवियों ने पुलिस टीम को भी निशाना बनाते हुए उन पर भारी पथराव किया. इस घटना में तारबाहर थाना प्रभारी समेत करीब 9 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करने के साथ-साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे.घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस उपद्रवियों की लगातार धरपकड़ कर रही है.
मामले के दूसरे पक्ष के निगरानी बदमाश सोहेल खान समेत कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इस दौरान राम सिंह लगातार फरार चल रहा था और उसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताते हुए जल्द सरेंडर करने का दावा भी किया था.आरोपी की सरगर्मी से तलाश में जुटी बिलासपुर पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की टीम को जब सूचना मिली कि राम सिंह मध्य प्रदेश के पन्ना में छिपा हुआ है, तो एक विशेष टीम वहां भेजी गई. पन्ना में दोस्त के ठिकाने पर दी गई दबिश के दौरान उसे धर दबोचा गया.

