बिलासपुर-कांग्रेस नेता पर कथित हमले की साजिश के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को तारबाहर पुलिस और साइबर टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक तिवारी (29 वर्ष), पिता सुनील तिवारी, निवासी वार्ड नंबर-1 पटेराटोला, थाना गौरेला, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के रूप में हुई है।पुलिस के मुताबिक, 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7 बजे प्रार्थी शिशिर कश्यप अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गया था। इसी दौरान उसके पिता ने फोन कर बताया कि वे करीब 6:45 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे और रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे थे।
वहां तीन अज्ञात व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधे हुए पहुंचे और डंडे तथा नुकीली वस्तु से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी।शिकायत के आधार पर तारबाहर थाने में अपराध क्रमांक 221/2026 दर्ज कर धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5), 61(2), 109, 55 बीएनएस के तहत जांच शुरू की गई।जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की पहचान की गई और संदिग्धों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में पूर्व में नितिन टेकाम, विधि से संघर्षरत एक बालक, आंचल साहिल और नवीन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। वहीं मुख्य आरोपी दीपक तिवारी लगातार फरार चल रहा था।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से दीपक तिवारी नेपाल चला गया था।
तारबाहर पुलिस और साइबर टीम द्वारा उसकी लगातार तकनीकी निगरानी की जा रही थी तथा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। विधिवत गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।पुलिस के मुताबिक, तारबाहर पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई से मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।

