बिक्स बिजनेस फोरम के सेशन के साथ ही दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 (BRICS Summit 2026) का आगाज हो गया है
बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष हम BRICS के 20 साल मना रहे हैं. 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें केवल चार देश थे, लेकिन आज आज ब्रिक्स और ब्रिक्स पार्टनर्स मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है.पीएम मोदी ने कहा, ‘आज ब्रिक्स के देश, विश्व की 50% आबादी, 40% जीडीपी और 25% से अधिक ट्रेड को रिप्रेजेंट करते हैं.
इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब 1.5 गुना हुई है, वहीं ब्रिक्स देशों की कंबाइन GDP करीब 4.5 गुना हुई है. यानी BRICS की इकोनॉमिक स्ट्रैंथ दुनिया की तुलना में करीब दो गुने रफ्तार से बढ़ी है.’
G7 का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘इसकी तुलना में तथाकथित G7 यानी ‘ग्रेट 7′ का योगदान सिर्फ़ 29% रहा है. इसी दौरान दुनिया की इकॉनमी में हुई ग्रोथ की बात करें, तो हम देखते हैं कि उस ग्रोथ का आधे से ज़्यादा हिस्सा ब्रिक्स का रहा है, जबकि G7 का हिस्सा सिर्फ़ 18% रहा है. ऐसा क्यों है? जवाब आसान है, दुनिया की आधी से ज़्यादा आबादी ब्रिक्स देशों में रहती है और इसीलिए, उनके पास बहुत ही गतिशील और जीवंत घरेलू बाज़ार हैं.’
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश ग्लोबल इनोवेशंस और सॉल्युशंस के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं. ग्रासरूट से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी तक हमारे देशों में इनोवेशन की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं. ब्रिक्स की बढ़ती स्केल, स्पीड और ऑप्टिमिज्म हमारे बीच साफ दिखाई दे रही है. भारत में आयोजित ये फोरम अब तक का सबसे बड़ा BRICS Business Forum है.उन्होंने कहा, ‘भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम है,
Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability. पिछले 12 वर्षों में भारत ने इस मंत्र को अपनी इकोनॉमिक और ट्रेड पॉलिसिज का आधार बनाया है. भारत ने एनर्जी से लेकर टेक्नोलॉजी तक सप्लाई चेन को और अधिक डायवर्सिफाइड और रिलायबल बनाया है. इसी का परिणाम है, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी, भारत आज ग्रोथ और स्थिरता का भरोसा दे रहा है.’

