सागर की बंडा विधानसभा में जहरीली शराब के कहर ने एक पूरे हसंते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है. जहरीली शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने पर राम प्रसाद लोधी को सागर से एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स लाया गया था. लेकिन भोपाल एम्स में भी रामप्रसाद की जान नहीं बच सकी. इस हादसे में रामप्रसाद के पिता गोविंद सिंह लोधी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है. वहीं छोटा बेटा भूरा लोधी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. अब तक इस हादसे में 12 लोगों की जान जा चुकी है.
राम प्रसाद लोधी बमूरा गांव का रहने वाला था. उसने अपने छोटे भाई भूरा लोधी और पिता गोविंद लोधी के साथ मिलकर इस जहरीली शराब का सेवन किया था. सबसे पहले पिता गोविंद सिंह लोधी की तबीयत बिगड़ी, जब तक परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचते तब गोविंद सिंह की सांसे थम गई. उधर दोनों भाइयों रामप्रसाद लोधी और भूरा लोधी की तबीयत बिगड़ने लगी.
एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से पूरे बमूरा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. इस गांव में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है. राम प्रसाद के एक रिश्तेदार का कहना है कि पिता और बड़े भाई की मौत के बाद अब कोई घर का मुखिया नहीं बचा है. छोटा बेटा भी जिला अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रहा है. गोविंद सिंह लोधी के भाई अलग-अलग रहते हैं. रिश्तेदार ने आगे कहा कि जहरीली शराब ने आज कई परिवारों को तबाह कर दिया. अवैध शराब पूरी तरह से बंद होनी चाहिए. ताकि बच्चों का भविष्य बचा रहे.

