पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के जन्मदिन पर बीते रविवार को पाटन आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और आने वाली पीढ़ी के नेतृत्व को लेकर कई राजनीतिक संकेत देखने को मिले।
हजारों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में बघेल ने जिस तरह अपने बेटे चैतन्य बघेल को मंच पर खड़ा कर उनका परिचय कराया और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने कहा कि मैंने तो चैतन्य को नेता नहीं बनाया, लेकिन अमित शाह ने इसे नेता बना दिया है।
भूपेश बघेल का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मंच पर चैतन्य को प्रमुखता से सामने लाना महज पारिवारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि पाटन की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व की संभावनाओं की ओर संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
पाटन को भूपेश बघेल की राजनीतिक कर्मभूमि माना जाता और है। ऐसे में जन्मदिन के मंच पर चैतन्य बघेल को हजारों कार्यकर्ताओं समर्थकों के बीच प्रमुखता से सामने लाना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से चैतन्य बघेल पाटन क्षेत्र में कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक गतिविधियों के बीच सक्रिय नजर आ रहे हैं।

