CG News: बिलासपुर में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. खासकर कोटा विकासखंड के बेलगहना और शिवतराई क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. यहां 6 नए मलेरिया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. पिछले 7 दिनों में जिले में कुल 27 मलेरिया मरीज सामने आए हैं. वनांचल के कई गांवों में संक्रमण का खतरा बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है.
बिलासपुर में मलेरिया के 27 मरीज आए सामने
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में रोजाना घर-घर सर्वे कर लोगों की जांच कर रही हैं. साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए मच्छररोधी दवाओं के छिड़काव की तैयारी भी की जा रही है. विभाग ने ग्रामीणों से मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराने की अपील की है. मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके.
ये हैं मलेरिया के लक्षण
- मलेरिया एक परजीवी जनित रोग है, जो संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से फैलता है.
- इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकपी, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी, उल्टी और अत्यधिक पसीना आना शामिल है.
- समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने पर यह रोग गंभीर रोग ले सकता है.
- स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा रैपीड फीवर सर्वे किया जा रहा है बुखार के मरीजों का मलेरिया किट से जांच किया जा रहा है तथा रक्त स्लाईड संग्रहण किया जा रहा है.
- सामान्य बुखार के मरीजों का उपचार एवं गंभीर रूप से पीडित मरीजो को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है.
- मलेरिया से संबंधित दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और स्थिति नियंत्रण में है.

