जिला अस्पताल में चींटियों का कब्जा: ओटी में सिजेरियन डिलीवरी बंद, दूसरा डेट मिलने से लोग हो रहे परेशान

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मदर-चाइल्ड यूनिट का ऑपरेशन थिएटर इन दिनों चींटियों के कब्जे में है। ओटी में अब प्रसूताओं को संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिसके कारण बीते 3 दिनों से सिजेरियन डिलीवरी बंद कर दी गई है। अब सीजेरियन डिलीवरी के लिए प्रसूताओं और अन्य सर्जरी के लिए दूसरे डेट दिये जा रहें हैं, जिसको लेकर लोग परेशान हो रहें हैं।

प्रबंधन के अनुसार, मदर-चाइल्ड यूनिट के ओटी में 23 और 24 जुलाई को ज्यादा चीटियां देखी गई, ओटी के अंदर टूटी हुई टाइल्स और दीवाल की दरारों से चींटियों को आते देखा गया। वहीं समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल नहीं कराए जाने की लापरवाही भी सामने आई, जिसके बाद ओटी बंद कर दिया गया।

वहीं अब ओटी बंद करने से हॉस्पिटल में ऑपरेशन थियेटर में होने वाले पहले से तय ऑपरेशन प्रभावित होने लगे हैं, क्योंकि एमसीएच के ओटी में होने वाले ऑपरेशन को पहले टीटी ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया था।

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वहां कुछ ऑपरेशन भी किए गए, लेकिन बाद में विभागाध्यक्ष डॉ. बीआर साहू ने लिखित रूप से अन्य सर्जरी के लिए संक्रमण का खतरा बताया। इसके बाद सभी सीजेरियन डिलीवरी को मेजर ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया गया, जिसमें सिर्फ इमरजेंसी सिजेरियन डिलीवरी ही कराई जा रही हैं।

प्रबंधन के अनुसार, औसतन रोज 4 से 5 सर्जरी हॉस्पिटल में कराई जाती है। वही इन सबके बीच अब ऑपरेशन थिएटर का फ्यूमिगेशन प्रक्रिया पूरी गई है, लेकिन जब तक कल्चर रिपोर्ट में संक्रमण पूरी तरह शून्य नहीं आ जाता, तब तक यह ओटी शुरू नहीं किया जा सकता। जिससे ऑपरेशन थिएटर बैक्टीरिया और वायरस से पूरी तरह मुक्त रहे और मरीजों को किसी तरह का संक्रमण का खतरा न हो।

दुर्ग के सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में चींटियां दिखाई देने के बाद मरीजों की सुरक्षा को सबसे पहले प्राथमिकता दी गई। यदि ऐसी स्थिति में ऑपरेशन जारी रखे जाते, तो यह गंभीर लापरवाही होती। इसलिए समय रहते टीम का गठन किया गया और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर मरीजों को सुरक्षित तरीके से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

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