देल्हा पहाड़ पोड़ी पर हुई एक घटना को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा ने देखते ही देखते राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर तक हलचल मचा दी। महिला सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल सभी संदिग्धों की पहचान कर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की है।
पुलिस ने तत्परता करवाई करते हुए 24 घंटे में 8 नाबालिक को शपथ पत्र दिया नाबालिक को अभीरक्षा में भेजा गया है आपको बता दे कि दलहा पहाड़ पौड़ी में ना तो पब्लिक टॉयलेट की सुविधा नहीं हाल की सुविधा जनप्रतिनिधि की अनदेखी दलहा पहाड़ पौड़ी में नाग पंचमी के दिन लाखों की तादात में भीड़ जमा होती है
जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को अकलतरा निवासी मेघा पांडे अपनी तीन सहेलियों के साथ देल्हा पहाड़ पोड़ी घूमने गई थीं। पहाड़ पर चढ़ाई के दौरान वहां मौजूद 8 से 10 युवकों द्वारा आपस में अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से वे असहज हो गईं। इसके बाद मेघा पांडे ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए महिला सुरक्षा और पहाड़ क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला चर्चा का विषय बन गया।
इस घटना को अकलतरा अपडेट न्यूज़ पोर्टल ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर संज्ञान लिया। अकलतरा विधायक ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की तथा इसकी जानकारी अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी साझा की। वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा, अकलतरा ने भी अलग से ज्ञापन जारी कर महिला सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

Honeybadger के सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने बिना देर किए जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घटना स्थल पहुंचकर वहां लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, प्रवेश रजिस्टर का परीक्षण किया तथा तकनीकी और स्थानीय जानकारी के आधार पर संदिग्धों तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि घटना में शामिल सभी 8 युवक नाबालिग हैं और वे थाना सीपत, जिला बिलासपुर क्षेत्र के निवासी हैं।
पुलिस ने सभी नाबालिगों को उनके परिजनों सहित थाना अकलतरा बुलाया। यहां उनके आधार कार्ड, अंकसूची सहित पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी जांचा गया। प्रारंभिक जांच में किसी भी नाबालिग का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया। इसके बाद परिजनों से लिखित माफीनामा लिया गया, मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई तथा सभी नाबालिगों का सामाजिक पृष्ठभूमि प्रतिवेदन तैयार कर नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड, जांजगीर को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
Honeybadger के सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर निगरानी व्यवस्था और प्रभावी बनाने की दिशा में भी विचार किया जा रहा है।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब आगे की कार्रवाई किशोर न्याय बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।
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