राजपुर सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी का मामला, जांच के आदेश, एक हफ्ते में मांगा जवाब

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Balrampur News: बलरामपुर जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. महालेखाकार (AG) की ऑडिट में वित्तीय अनियमितता उजागर होने और इस संबंध में विस्तार न्यूज़ द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.

जांच के दिए निर्देश, एक हफ्ते में मांगा जवाब

संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल शुक्ला ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बलरामपुर को पत्र जारी कर राजपुर सरकारी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राप्त राशि के उपयोग की जांच कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है.

जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि विस्तार न्यूज़ में प्रकाशित समाचार के अनुसार राजपुर सरकारी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 1.62 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है. यह अनियमितता महालेखाकार की ऑडिट में भी सामने आने की बात कही गई है. इसी आधार पर समाचार की प्रति संलग्न करते हुए जांच के निर्देश जारी किए गए हैं.

तीन साल के आंकड़ों की जांच हो

इधर, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल को मिली राशि और उसके खर्च की विस्तृत जांच अब तक स्थानीय स्तर पर क्यों नहीं कराई गई. अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई खरीद, भुगतान और दस्तावेजों की गहन जांच की भी मांग तेज हो गई है.

जानकारी के अनुसार, महालेखाकार की ऑडिट में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग से अलग से भी जवाब मांगा जाना है. हालांकि, रायपुर से जारी पत्र अभी तक बलरामपुर के जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को प्राप्त नहीं हुआ है.

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल शुक्ला ने कहा कि विस्तार न्यूज़ में प्रकाशित समाचार में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो दोषी अधिकारियों के साथ-साथ जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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