छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में उरगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बगबुड़ा में एक 51 वर्षीय किसान परदेशी राम कंवर पिता मान साय कंवर द्वारा जहर खाकर जीवन लीला समाप्त कर लेने का दर्दनाक मामला सामने आया है. तीन दिन पहले कीटनाशक का सेवन करने के बाद परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
इस घटना के सामने आते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और गुरुवार को भैंसमा तहसीलदार लीलाधर ध्रुव की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.मृतक किसान लगभग 3 एकड़ जमीन में धान की खेती करते थे. उनकी पत्नी ननकी नोनी बाई और स्थानीय सरपंच दशरथ सिंह के अनुसार, चार बच्चों के पिता होने के बावजूद खेती का पूरा काम वे अकेले ही संभालते थे, क्योंकि उनके बेटों का सहयोग इसमें नहीं मिल पाता था.
इसी वजह से वे काफी समय से मानसिक दबाव और परेशानी से गुजर रहे थे. हालांकि, सेवा सहकारी समिति भैंसमा के प्रबंधक तुलेश्वर कौशिक ने कर्ज संबंधी कारणों से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि किसान अल्पकालिक ऋण लेकर हर साल समय पर चुका देता था और इस बार भी खाद-बीज के लिए लिया गया कर्ज किसी विवाद का विषय नहीं था, न ही किसी दुकान से कोई अन्य कर्ज लेने की बात सामने आई है.
पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब इस आत्मघाती कदम के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं. मृतक के बेटों ने किसी भी पारिवारिक विवाद से साफ इनकार किया है. वहीं, एक होनहार किसान के इस तरह असमय चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से विवेचना कर रही है.

