रायपुर Mahadev Satta Network छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा के कथित किंगपिन सौरभ चंद्राकर इन दिनों फर्जी पासपोर्ट के मामले में ओमान के जेल में बंद है। कहा जा रहा है कि सैरभ चंद्राकर को जल्द ही भारत लाया जा सकता है। भारत की एजेंसियां उसे वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। लेकिन इस बीच सौरभ चंद्राकर ने महादेव ऑनलाइन सट्टा से जुड़े लोगों के नाम का खुलासा करने की बात कही है। हालांकि इसके लिए सौरभ चंद्राकर ने कुछ शर्तें भी रखी है। सौरभ ने अपने और अपने परिवार को जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार आगे क्या फैसला लेती है।
सौरभ चंद्राकर ने कही खुलासा करने बात
Saurabh Chandrakar Mahadev Satta Network मिली जानकारी के अनुसार सौरभ चंद्राकर ने भारत आने के बाद महादेव सट्टा मामले में सुरक्षा एजेंसियों का पूरा सहयोग करने की बात कही है। अधिकारियों की मानें तो सौरभ चंद्राकर ने महादेव सट्टा से जुड़े नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स को होने वाले फायदे का खुलासध करने की बात कही है। लेकिन इन सब के लिए उसने शर्त रखते हुए कहा है कि भारत आने के बाद मेरे और मेरे परिवार को खतरा है और अगर सरकार सुरक्षा देने की गारंटी देती है तो वो पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। ये पूरी जानकारी ओमानी अधिकारियों ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को दी है।

फर्जी पासपोर्ट के जरिए ट्रैवल करने का आरोप
गौरतलब है कि बीते दिनों महादेव ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर पर फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अवैध तरीके से ओमान में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट का कथित किंगपिन सौरभ चंद्राकर 2023 से भारतीय जांच एजेंसियों की तलाश में है। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी किया जा चुका है। ईडी का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपए का अवैध कारोबार किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान ईडी सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों से जुड़ी कई संपत्तियां भी अटैच कर चुकी है।

कौन है सौरभ चंद्राकर?
महादेव सट्टा एप का सरगना सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उनके पिता पहले नगर निगम में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। पहले सौरभ एक कपड़े की दुकान में काम करते थे। जिसके बाद उन्होंने एक जूस की दुकान का संचालन किया। फिर 2019 में वे दुबई चला गया और अपने एक दोस्त को भी वे दुबई बुला लिया। इसके बाद उसने महादेव एप लांच किया और फिर धीरे-धीरे ऑनलाइन सट्टा बाजार का बड़ा नाम बन गया। महादेव सट्टा ऐप के नाम पर करीब 600 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया।

