बिलासपुर रावतपुरा सरकार से जुड़े बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए CBI द्वारा की गई फोन टैपिंग को अवैध करार दिया है। अदालत ने जांच एजेंसी को फोन टैपिंग से प्राप्त सभी ऑडियो रिकॉर्डिंग और संबंधित सामग्री नष्ट करने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश से मूल आपराधिक मामले की सुनवाई प्रभावित नहीं होगी और केस नियमानुसार जारी रहेगा।
यह याचिका रावतपुरा सरकार समूह के चेयरमैन रविशंकर महाराज की ओर से दायर की गई थी। उन्होंने CBI की फोन टैपिंग की वैधता को चुनौती देते हुए इसे निजता के अधिकार और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बताया था।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना कि संबंधित फोन टैपिंग कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी। इसलिए जांच एजेंसी को इन रिकॉर्डिंग्स का उपयोग नहीं करने और उन्हें नष्ट करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई और जांच आगे भी जारी रहेगी।

हाईकोर्ट के इस फैसले को निजता के अधिकार और जांच एजेंसियों की कानूनी प्रक्रिया के पालन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार जारी रहेगी।
