छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पेपर लीक हत्या से भी बड़ा अपराध है, क्योंकि इससे लाखों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ता है। कोर्ट ने मामले में जेल में बंद CGPSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS अधिकारी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं तो इससे योग्य अभ्यर्थियों का भरोसा टूटता है और पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

पूर्व सचिव पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और गड़बड़ी के गंभीर आरोप हैं। मामले की जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। कोर्ट ने माना कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।

CGPSC भर्ती घोटाले को लेकर प्रदेशभर में लंबे समय से विवाद बना हुआ है। मामले की जांच जारी है और कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हाईकोर्ट के इस फैसले को भर्ती घोटाले के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
